धान की रोपाई के बाद खेत का निरीक्षण करते रहें — कीट लगने पर तुरंत उपचार करें। नीम खली का उपयोग दीमक से बचाव में बहुत कारगर है। किसान कॉल सेंटर: 1800-180-1551 — निःशुल्क कृषि सलाह बीजशोधन अवश्य करें — रोगों से बचाव का पहला कदम। कीटनाशक छिड़काव सुबह या शाम को करें — तेज धूप में नहीं।
खरीफ फसल 2024 • धान

धान में रोग एवं कीट रोकथाम

किसान भाइयों के लिए आसान भाषा में — कीट की पहचान, रोग के लक्षण और पक्का उपचार

10 प्रमुख कीट 8 प्रमुख रोग दवाओं की मात्रा बीज उपचार
यह जानकारी कृषि और पशुपालन पत्रिका (मई 2024) पर आधारित है।

किसान भाइयों को खास बात

धान हमारे देश की सबसे जरूरी फसल है। रोग और कीट इस फसल को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं जिससे खूब पैसा बरबाद होता है। समय पर पहचान और सही दवा लगाने से यह नुकसान रोका जा सकता है। नीचे हर कीट और रोग को इस तरह समझाया गया है जैसे कोई पड़ोसी बता रहा हो।

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प्रमुख कीट — पहचानें और बचाएं

खरीफ धान को नुकसान पहुंचाने वाले मुख्य कीट और उनकी पहचान

🌾 कीट परिचय
कीट — INSECTS
🪲
दीमक
Termite
मिट्टी का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
दीमक सफेद रंग के छोटे-छोटे कीड़ा होत हैं जो दल बनाई के चलत हैं। ई उगत बीज और पौधन की जड़ खाइ लेत हैं। खेत में जहाँ दीमक लागी होई, उहाँ पौधा मुरझाई के सूख जात है। जड़ में मिट्टी की पतली नली (सुरंग) दिखाई देत है।
काहे होत है
खेत में कच्चा गोबर ज़्यादा डाले पर दीमक बढ़त है। जहाँ लकड़ी या पुरानी जड़ें गली-सड़ी होत हैं, उहाँ दीमक जल्दी आवत है।
उपचार
क्लोरपाइरीफॉस 20% ई.सी.
2.5 लीटर / हैक्टर
सिंचाई के पानी के साथ खेत में डालें।
नीम की खली 10 क्विंटल प्रति हैक्टर की दर से बुआई से पहले खेत में मिलाने से दीमक का प्रकोप बहुत कम होता है।
🐛
जड़ की सूंडी
Root Grub
जड़ का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
ई कीट की गिडार (लार्वा) उबले चावल जैसन सफेद रंग की होत है। ई जड़ के अंदर रहि के जड़ खाई लेत है। पौधा पीला पड़ि जात है और मुरझाई के गिरि जात है। खींचे पर आसानी से उखड़ि आवत है।
उपचार
क्लोरपाइरीफॉस 20% ई.सी.
2.5 लीटर / हैक्टर
सिंचाई के पानी के साथ डालें।
🦟
नरई कीट (गंधी बग)
Gall Midge / Rice Bug
तना / बाली का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
नरई कीट की सूंडी गोभ (मुख्य तना) के अंदर घुसि के प्याज के तना जैसी रचना बनाई देत है, जेका "सिल्वर शूट" कहत हैं। ऐसे पौधे में बाली कभौ नाहीं बनत। बुझाय कि कल्ला खोखला होई गवा।
उपचार
कार्बोफ्यूरॉन 3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
फिप्रोनिल 0.3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
500–800 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
🐞
पत्ती लपेटक कीट
Leaf Folder
पत्ती का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
ई कीट की सूंडी पहले पीली और बाद में हरी होई जात है। ई पत्तियन का लंबाई में तह करि के अंदर से हरा भाग खुरुचि-खुरुचि खाई लेत है। पत्ती सफेद और सूखी दिखत है। खेत में आगे-पीछे लुढ़की पत्तियाँ दिखत हैं।
उपचार
बाईफेन्थ्रिन 10% ई.सी.
500 मि.ली. / हैक्टर
कार्बोफ्यूरॉन 3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
🔴
हिस्पा
Rice Hispa
पत्ती का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
हिस्पा की गिडार पत्तियन के अंदर सुरंग बनाइ के हरा भाग खाई लेत है। पत्ती पर फफोले जैसी आकृति बनि जात है। पत्ती पारदर्शी (आर-पार दिखे वाली) और सफेद दिखत है।
उपचार
बाईफेन्थ्रिन 10% ई.सी.
500 मि.ली. / हैक्टर
कार्टॉप हाइड्रोक्लोराइड 4G
18 कि.ग्रा. / हैक्टर
🦋
बंका कीट
Case Worm
पत्ती का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
ई कीट की सूंडी पत्तियन का अपने शरीर के बराबर काटि के खोल बनाई लेत है और उसके अंदर रहत है। बाहर से दूसरी पत्तियन से चिपकि के उनका हरा भाग खुरुचि खाई लेत है। पत्ती पर सफेद लंबी धारियाँ दिखत हैं।
उपचार
बाईफेन्थ्रिन 10% ई.सी.
500 मि.ली. / हैक्टर
🌾
तनाबेधक
Stem Borer
तना / बाली का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
तनाबेधक की मादा पत्तियन पर अंडे देत है। सूंडी तने में घुसि के मुख्य शूट का नष्ट करि देत है। बढ़वार की अवस्था में मृत गोभ (डेड हार्ट) दिखत है — तना मरि जात है लेकिन बाकी पौधा हरा रहत है। बाली आने पर सफेद बाली (व्हाइट ईयर) दिखत है जो दाना नाहीं बनत।
उपचार
बाईफेन्थ्रिन 10% ई.सी.
500 मि.ली. / हैक्टर
कार्बोफ्यूरॉन 3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
3–5 सें.मी. स्थिर पानी में डालें।
5 फेरोमोन ट्रैप प्रति हैक्टर लगाने से तनाबेधक के आने का पहले से पता लग जाता है।
🦗
हरा फुदका
Green Leafhopper
रस चूसने वाला
ऐसे दिखता है (लक्षण)
ई कीट प्रौढ़ हरे रंग का होत है और ऊपरी पंखों के दोनों किनारों पर काले बिंदु होत हैं। शिशु और प्रौढ़ दोनों पत्तियन से रस चूसत हैं। ग्रसित पत्तियाँ पहले पीली और बाद में कत्थई रंग होई के नोक से नीचे सूखने लगत हैं।
उपचार
एसिटामिप्रिड 20% एस.पी.
100 ग्राम / हैक्टर
कार्बोफ्यूरॉन 3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
फिप्रोनिल 0.3G
20 कि.ग्रा. / हैक्टर
500–600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव।
सफेद पीठ वाला फुदका
White Backed Planthopper
रस चूसने वाला
ऐसे दिखता है (लक्षण)
ई कीट के प्रौढ़ कालापन लिए भूरे और पीले शरीर वाले होत हैं। पंखों के जोड़ पर सफेद पट्टी दिखत है। शिशु और प्रौढ़ दोनों पत्तियन और कल्लों के मध्य से रस चूसत हैं। पौधा पीला पड़ि जात है और मरि जात है।
उपचार
एसिटामिप्रिड 20% एस.पी.
100 ग्राम / हैक्टर
🐝
गंधी बग
Rice Bug / Gandhi Bug
बाली / दाना का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
गंधी बग लंबी टाँगों वाला कीड़ा होत है। शिशु और प्रौढ़ दोनों बालियों की दूधावस्था में दानों में बन रहे दूध का चूसि लेत हैं। दाने खोखले और काले पड़ि जात हैं। इनके छूने पर बहुत तेज गंध (बास) आवत है — इही से "गंधी बग" नाम पड़ा।
उपचार
फेनवैलरेट 0.04% धूल
20–25 कि.ग्रा. / हैक्टर
प्रति हैक्टर बुरकाव करें।
गंधी बग का प्रकोप होने पर सुबह-सुबह जब कीट सुस्त हों तब पकड़कर नष्ट करना भी कारगर है।
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सैनिक कीट
Army Worm
बाली / पत्ती का कीट
ऐसे दिखता है (लक्षण)
सैनिक कीट की सूंडियाँ भूरे रंग की होत हैं जो दिन में कल्लों के मध्य या भूमि की दरारों में छिपी रहत हैं। शाम होते ही ई सूंडियाँ बाहर निकलत हैं और बालियन का छोटे-छोटे टुकड़ों में काटि के नीचे गिराई देत हैं। सुबह खेत में बालियाँ कटी हुई जमीन पर बिखरी मिलत हैं।
उपचार
फेनवैलरेट 0.04% धूल
20–25 कि.ग्रा. / हैक्टर
🛡️

सामान्य कीट नियंत्रण के उपाय

बिना दवा के और कम खर्च में कीटों से बचाव के देशी-वैज्ञानिक तरीके

नियंत्रण
📅
समय पर रोपाईसही समय पर रोपाई करे से कई कीटों का प्रकोप कम होत है। जल्दी या बहुत देर से रोपाई नाहीं करे चाहि।
🥚
अंडे इकट्ठा करेंशत्रु कीटों के अंडों का बाँस के केज-कम-पर्चर में इकट्ठा करके उनके प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण करें।
🌿
दीमक बाहुल्य मेंकच्चे गोबर और हरी खाद की जगह सड़ी हुई खाद का प्रयोग करें। दीमक वाले खेत में कच्चा गोबर नाहीं डालें।
⚖️
उर्वरकों का संतुलननाइट्रोजन खाद (यूरिया) ज़्यादा डालने से कीट बढ़त हैं। संतुलित मात्रा में ही उर्वरक का प्रयोग करें।
🌾
भूरा फुदका से बचावभूरा फुदका और सैनिक कीट बाहुल्य वाले क्षेत्रों में 20 पंक्तियों के बाद एक पंक्ति छोड़कर रोपाई करें।
🪤
फेरोमोन ट्रैपतनाबेधक कीट के पूर्वानुमान और नियंत्रण के लिए 5 फेरोमोन ट्रैप प्रति हैक्टर खेत में लगाएं।
🌰
नीम खलीनीम की खली 10 क्विंटल प्रति हैक्टर की दर से बुआई से पहले खेत में मिलाने से दीमक का प्रकोप बहुत कम होता है।
💊 कीटनाशक मात्रा तालिका
प्रमुख कीट कीटनाशक मात्रा उपचार विधि
दीमक एवं जड़ की सूंडी क्लोरपाइरीफॉस 20% ई.सी. 2.5 लीटर/हैक्टर सिंचाई के पानी के साथ
नरई कीट कार्बोफ्यूरॉन 3G
फिप्रोनिल 0.3G
20 कि.ग्रा./हैक्टर 500–800 लीटर पानी में घोलकर
हरा एवं सफेद पीठ वाला फुदका एसिटामिप्रिड 20% एस.पी. 100 ग्राम/हैक्टर 500–600 लीटर पानी में
तनाबेधक, पत्ती लपेटक, बंका, हिस्पा बाईफेन्थ्रिन 10% ई.सी.
कार्बोफ्यूरॉन 3G
कार्टॉप हाइड्रोक्लोराइड 4G
500 मि.ली. / 20 कि.ग्रा. / 18 कि.ग्रा. 500–600 लीटर पानी / 3–5 सें.मी. स्थिर पानी
गंधीबग एवं सैनिक कीट फेनवैलरेट 0.04% धूल 20–25 कि.ग्रा./हैक्टर प्रति हैक्टर बुरकाव
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प्रमुख रोग — पहचानें और बचाएं

धान में लगने वाले मुख्य रोग, उनके लक्षण और आसान भाषा में समझ

🌿 रोग परिचय
रोग — DISEASES
सफेदा रोग
Iron Deficiency (Khaira)
पोषण की कमी
ऐसे दिखता है (लक्षण)
नर्सरी (पौध डालने की जगह) में नई पत्तियाँ कागज जैसी सफेद निकलत हैं। पूरा पौधा बहुत कमज़ोर और पीला दिखत है।
काहे होत है
यह रोग लोहे (आयरन) की कमी से होत है। जब मिट्टी में लोहा कम होत है तो पत्तियाँ हरी नाहीं बन पात।
उपचार (बीज उपचार)
फेरस सल्फेट
5 कि.ग्रा./हैक्टर
यूरिया
20 कि.ग्रा./हैक्टर
बुझा हुआ चूना
2.50 कि.ग्रा./हैक्टर
🟡
खैरा रोग
Zinc Deficiency
पोषण की कमी
ऐसे दिखता है (लक्षण)
पत्तियाँ पीली पड़ि जात हैं। बाद में पत्तियन पर कत्थई (भूरे) रंग के धब्बे बनि जात हैं। पौधे की बढ़वार रुकि जात है।
काहे होत है
यह रोग जिंक (जस्ते) की कमी से होत है। जब खेत में जिंक की कमी होत है, तो पत्तियाँ पहले पीली होत हैं और बाद में भूरी।
उपचार
जिंक सल्फेट 25 कि.ग्रा./हैक्टर की दर से मिट्टी में मिलाएं। या 0.5% जिंक सल्फेट का पर्णीय छिड़काव करें।
🟤
शीथ ब्लाइट
Sheath Blight
फफूंद रोग
ऐसे दिखता है (लक्षण)
पत्र-केंचुल (शीथ — पत्ती का निचला हिस्सा जो तने को ढके होत है) पर अनियमित आकार के धब्बे बनत हैं। धब्बे का किनारा गहरा भूरा और बीच का हिस्सा हल्के रंग का होत है।
काहे होत है
यह रोग ज़्यादा नाइट्रोजन खाद, ज़्यादा भीड़ में रोपाई और गर्म-नम मौसम में तेज़ी से फैलत है।
उपचार (पर्णीय छिड़काव)
कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी.
500 ग्राम / हैक्टर
थायोफिनेट मिथाइल 70%
1.0 कि.ग्रा./हैक्टर
हेक्साकोनाजोल 5% ई.सी.
1.0 लीटर/हैक्टर
500–700 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव।
बीज उपचार: कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. की 2.0 ग्राम मात्रा/कि.ग्रा. बीज।
💥
झोंका रोग (ब्लास्ट)
Rice Blast
फफूंद रोग
ऐसे दिखता है (लक्षण)
पत्तियन पर आँख की आकृति (नाव जैसे) के धब्बे बनत हैं। धब्बे के बीच राख जैसे रंग के और किनारे गहरे कत्थई रंग के होत हैं। बालियों, डंठलों, पुष्प शाखाओं और गाँठों पर भी काले-भूरे धब्बे बनत हैं।
काहे होत है
ज़्यादा नमी, ओस पड़ने और ठंडी रातों में यह रोग बहुत तेज़ी से फैलत है। ज़्यादा नाइट्रोजन खाद से भी बढ़त है।
उपचार (पर्णीय छिड़काव)
कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी.
500 ग्राम/हैक्टर
एडीफेनफॉस 5% ई.सी.
500 मि.ली./हैक्टर
हेक्साकोनाजोल 5% ई.सी.
1.0 लीटर/हैक्टर
बीज उपचार: थीरम 75% डब्लू.एस. 2.5 ग्राम/कि.ग्रा. या कार्बेंडाजिम 2.0 ग्राम/कि.ग्रा.।
🟫
भूरा धब्बा
Brown Spot
फफूंद रोग
ऐसे दिखता है (लक्षण)
पत्तियन पर गहरे कत्थई रंग के गोल या अंडाकार धब्बे बनत हैं। धब्बों के चारों तरफ पीला घेरा बनत है और बीच का भाग पीलापन लिए हुए कत्थई रंग का होत है।
उपचार (पर्णीय छिड़काव)
एडीफेनफॉस 5% ई.सी.
500 ग्राम/हैक्टर
मैकोजेब 75% डब्लू.पी.
500 मि.ली./हैक्टर
जिनेब 75% डब्लू.पी.
1.0 लीटर/हैक्टर
बीज उपचार: थीरम 75% डब्लू.एस. 2.5 ग्राम/कि.ग्रा. या ट्राइकोडर्मा 4.0 ग्राम/कि.ग्रा.।
🔥
जीवाणु झुलसा
Bacterial Leaf Blight (BLB)
जीवाणु रोग
ऐसे दिखता है (लक्षण)
पत्तियाँ नोक अथवा किनारे से एकदम सूखने लगत हैं। सूखे हुए किनारे अनियमित और टेढ़े-मेढ़े होत हैं। पत्ती जैसे झुलस गई हो। यह रोग बाढ़ के बाद या तेज़ हवाओं के बाद बहुत तेज़ी से फैलत है।
उपचार (पर्णीय छिड़काव)
5 ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट 90% + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% को 500 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% डब्लू.पी. के साथ मिलाकर छिड़काव करें।
बीज उपचार: स्ट्रेप्टोमाइसिन 4.0 ग्राम मात्रा/28 कि.ग्रा. बीज की दर से बीजशोधन करें।
🟠
मिथ्या कण्डुआ
False Smut
फफूंद रोग
ऐसे दिखता है (लक्षण)
बालियों के कुछ दाने पीले रंग के पाउडर (ग्रंथि) में बदलि जात हैं। बाद में यह पाउडर काला हो जात है। बाली में कुछ दाने नारंगी गोले बनि जात हैं। एक बाली में 3–5 दाने ही प्रभावित होत हैं।
उपचार (पर्णीय छिड़काव)
कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी.
500 ग्राम/हैक्टर
कॉपर हाइड्रोक्साइड 77% डब्लू.पी.
2.0 कि.ग्रा./हैक्टर
बीज उपचार: कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. की 2.0 ग्राम मात्रा/कि.ग्रा. बीज।
💊

रोग नियंत्रण — पर्णीय उपचार तालिका

मुख्य फफूंदनाशक दवाओं की मात्रा और छिड़काव विधि

पर्णीय उपचार
प्रमुख रोग पर्णीय उपचार का नाम मात्रा (कि.ग्रा.) उपचार
शीथ ब्लाइट कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. 500 ग्राम 500–700 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर छिड़काव
थायोफिनेट मिथाइल 70% डब्लू.पी. 1.0 कि.ग्रा.
हेक्साकोनाजोल 5% ई.सी. 1.0 लीटर
झोंका रोग कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. 500 ग्राम
एडीफेनफॉस 5% ई.सी. 500 मि.ली.
हेक्साकोनाजोल 5% ई.सी. 1.0 लीटर
भूरा धब्बा एडीफेनफॉस 5% ई.सी. 500 ग्राम
मैकोजेब 75% डब्लू.पी. 500 मि.ली.
जिनेब 75% डब्लू.पी. 1.0 लीटर
जीवाणु झुलसा स्ट्रेप्टोमाइसिन + टेट्रासाइक्लिन + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 5+10+500 ग्राम 500 लीटर पानी में मिलाकर
मिथ्या कण्डुआ कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. या कॉपर हाइड्रोक्साइड 77% 500 ग्राम / 2.0 कि.ग्रा. 500–700 लीटर पानी में
सफेदा रोग फेरस सल्फेट + यूरिया + बुझा हुआ चूना 5+20+2.5 कि.ग्रा./हैक्टर पर्णीय छिड़काव
🌱

बीज उपचार — बुआई से पहले ज़रूर करें

बीज का उपचार करना रोगों से बचाव का सबसे सस्ता और पक्का तरीका है

बीज उपचार

किसान भाई, बीज उपचार क्यों करें?

बीज उपचार का मतलब है — बीज बोने से पहले उसे दवा से उपचारित करना। इससे बीज के अंदर और बाहर छिपे रोगाणु नष्ट हो जाते हैं। यह रोगों से बचाव का सबसे कम खर्च और सबसे पक्का तरीका है। एक बार खर्च करो, पूरी फसल को बचाओ।

रोग का नाम दवा का नाम मात्रा (प्रति कि.ग्रा. बीज)
जीवाणु झुलसा स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट 90% + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10% 4.0 ग्राम/28 कि.ग्रा. बीज
झोंका एवं भूरा धब्बा थीरम 75% डब्लू.एस. या कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. या ट्राइकोडर्मा 2.5 ग्राम / 2.0 ग्राम / 4.0 ग्राम
शीथ ब्लाइट एवं मिथ्या कण्डुआ कार्बेंडाजिम 50% डब्लू.पी. 2.0 ग्राम/कि.ग्रा. बीज
1️⃣
पहले बीज भिगोएंबीजशोधन के लिए पहले बीज को साफ पानी में 10-12 घंटे भिगो दें।
2️⃣
दवा मिलाएंबीज निकालकर उसमें बताई मात्रा में दवा मिलाएं और अच्छी तरह लपेट दें।
3️⃣
छाया में सुखाएंउपचारित बीज को तेज धूप में नहीं, छाया में 30-40 मिनट सुखाएं।
4️⃣
तुरंत बोएंसुखाने के बाद बीज को जल्दी बो दें। लंबे समय तक रखा हुआ उपचारित बीज बोने पर असर कम होता है।

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